“संघ बजट 2026 में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को घटाकर 0.01% कर दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद है। इससे ब्रोकरेज फर्मों और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में तेजी आएगी। आर्टिकल में 6 ऐसे शेयरों की लिस्ट दी गई है, जिनमें 20-50% उछाल की संभावना है, साथ ही उनके वर्तमान प्राइस, टारगेट और सेक्टर एनालिसिस।”
संघ बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को घटाने का ऐलान किया, जो अब फ्यूचर्स पर 0.02% से घटकर 0.01% और ऑप्शंस पर 0.1% से घटकर 0.05% हो गया है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे ट्रेडिंग कॉस्ट 50% तक कम हो सकती है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स की भागीदारी बढ़ेगी, खासकर डेरिवेटिव्स मार्केट में, जहां पिछले साल वॉल्यूम 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। ब्रोकरेज हाउसेज का अनुमान है कि इससे दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-30% बढ़ सकता है, जो BSE और NSE जैसे एक्सचेंजों को सीधा फायदा देगा।
इस कटौती से फाइनेंशियल सेक्टर में उछाल की उम्मीद है, क्योंकि कम STT से ब्रोकरेज इनकम बढ़ेगी। SEBI के डेटा के मुताबिक, FY 2025-26 में STT कलेक्शन 78,000 करोड़ रुपये था, लेकिन अब सरकार का फोकस मार्केट ग्रोथ पर है। इससे इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स जैसे म्यूचुअल फंड्स और SIP की डिमांड भी बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था को 8% GDP ग्रोथ की ओर ले जा सकती है।
अब देखते हैं उन 6 शेयरों को, जो इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। ये चयन मार्केट कैप, ट्रेडिंग वॉल्यूम और सेक्टर परफॉर्मेंस पर आधारित है। प्रत्येक शेयर के लिए वर्तमान प्राइस (31 जनवरी 2026 तक), टारगेट प्राइस और रिस्क फैक्टर दिए गए हैं।
इन 6 शेयरों की डिटेल्ड एनालिसिस
Angel One Ltd यह ब्रोकरेज फर्म रिटेल ट्रेडर्स पर फोकस करती है, और कम STT से इसके क्लाइंट बेस में 25% बढ़ोतरी हो सकती है। Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 1,200 करोड़ रुपये रहा, जो YoY 35% ऊपर है। कम ट्रांजेक्शन कॉस्ट से ऑर्डर वैल्यू बढ़ेगी।
वर्तमान प्राइस: 4,500 रुपये
टारगेट प्राइस: 6,000 रुपये (33% अपसाइड)
रिस्क: मार्केट वोलैटिलिटी से प्रभावित।
Motilal Oswal Financial Services Ltd कंपनी की स्ट्रॉन्ग रिसर्च और वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज कम STT से बूस्ट होंगी, क्योंकि हाई-वॉल्यूम ट्रेडर्स की संख्या बढ़ेगी। FY26 में AUM 80,000 करोड़ रुपये पार कर गया।
वर्तमान प्राइस: 2,800 रुपये
टारगेट प्राइस: 3,800 रुपये (36% अपसाइड)
रिस्क: ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन।
BSE Ltd बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज खुद ट्रेडिंग वॉल्यूम से कमाता है, और STT कट से डेली टर्नओवर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। Q4 FY25 में प्रॉफिट 500 करोड़ रुपये रहा।
वर्तमान प्राइस: 3,200 रुपये
टारगेट प्राइस: 4,500 रुपये (41% अपसाइड)
रिस्क: रेगुलेटरी चेंजेस।
ICICI Securities Ltd ICICI बैंक की सब्सिडियरी होने से इसका नेटवर्क मजबूत है, और कम STT से डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की यूजर ग्रोथ 40% हो सकती है। रेवेन्यू ग्रोथ FY26 में 28% रही।
वर्तमान प्राइस: 1,100 रुपये
टारगेट प्राइस: 1,500 रुपये (36% अपसाइड)
रिस्क: बैंकिंग सेक्टर प्रेशर।
Anand Rathi Wealth Ltd यह वेल्थ मैनेजमेंट फर्म हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स को टारगेट करती है, और STT रिडक्शन से पोर्टफोलियो टर्नओवर बढ़ेगा। AUM 50,000 करोड़ रुपये से ऊपर।
वर्तमान प्राइस: 4,000 रुपये
टारगेट प्राइस: 5,200 रुपये (30% अपसाइड)
रिस्क: इंटरेस्ट रेट फ्लक्चुएशन्स।
Nuvama Wealth Management Ltd पूर्व Citi Wealth, अब Edelweiss ग्रुप का हिस्सा, कम STT से इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग बूस्ट होगी। Q3 FY26 प्रॉफिट 300 करोड़ रुपये।
वर्तमान प्राइस: 6,500 रुपये
टारगेट प्राइस: 8,500 रुपये (31% अपसाइड)
रिस्क: कॉम्पिटिशन से मार्जिन प्रेशर।
इन शेयरों का तुलनात्मक टेबल
| शेयर का नाम | वर्तमान प्राइस (रुपये) | टारगेट प्राइस (रुपये) | अपेक्षित अपसाइड (%) | सेक्टर | FY26 रेवेन्यू ग्रोथ (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| Angel One Ltd | 4,500 | 6,000 | 33 | ब्रोकरेज | 35 |
| Motilal Oswal | 2,800 | 3,800 | 36 | वेल्थ मैनेजमेंट | 28 |
| BSE Ltd | 3,200 | 4,500 | 41 | एक्सचेंज | 25 |
| ICICI Securities | 1,100 | 1,500 | 36 | ब्रोकरेज | 28 |
| Anand Rathi | 4,000 | 5,200 | 30 | वेल्थ मैनेजमेंट | 32 |
| Nuvama Wealth | 6,500 | 8,500 | 31 | वेल्थ मैनेजमेंट | 30 |
यह टेबल NSE डेटा पर आधारित है, जहां औसत P/E रेशियो 25x है। कम STT से इन कंपनियों का EBITDA मार्जिन 5-10% बढ़ सकता है।
क्यों ये शेयर रॉकेट बनेंगे?
ट्रेडिंग वॉल्यूम बूस्ट : STT कट से डेली एवरेज ट्रेड्स 5 करोड़ से 7 करोड़ पहुंच सकते हैं, जो ब्रोकरेज फीस बढ़ाएगा।
रिटेल पार्टिसिपेशन : डेमैट अकाउंट्स 15 करोड़ से ऊपर हैं, और कम कॉस्ट से नए इनवेस्टर्स आएंगे।
सेक्टर ट्रेंड : फाइनेंशियल इंक्लूजन पॉलिसी से SIP फ्लो 50,000 करोड़ रुपये मंथली हो सकता है।
ग्लोबल क्यूज : US Fed रेट कट्स से FII इनफ्लो 20 बिलियन डॉलर बढ़ सकता है, जो इन शेयरों को सपोर्ट देगा।
रिस्क मैनेजमेंट : इनवेस्टर्स को स्टॉप-लॉस सेट करना चाहिए, क्योंकि मार्केट सेंटीमेंट से 10-15% करेक्शन संभव है।
बजट के इस फैसले से स्टॉक मार्केट का सेंसेक्स 85,000 से 95,000 तक जा सकता है, अगर इकोनॉमिक इंडिकेटर्स सपोर्ट करें। इन शेयरों में निवेश से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, क्योंकि मार्केट रिस्क शामिल है।
Disclaimer: यह समाचार, रिपोर्ट और सुझावों पर आधारित है। स्रोत उल्लेख नहीं किए गए हैं।