“केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 10.56 करोड़ से अधिक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं, जिससे देश में कुल सक्रिय घरेलू एलपीजी कनेक्शन 33.37 करोड़ तक पहुंच गए हैं। गरीब परिवारों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ईंधन मिलने से स्वास्थ्य सुधार हुआ है और सब्सिडी के जरिए प्रति सिलेंडर 300 रुपये की राहत जारी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य सबसे बड़े लाभार्थी बने हुए हैं।”
एलपीजी कनेक्शन वितरण में ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत में घरेलू एलपीजी कनेक्शन अब 33.37 करोड़ तक पहुंच चुके हैं, जिसमें से 10.56 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त दिए गए हैं। यह योजना 2016 में शुरू हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाना और स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराना था।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 4.87 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें 1.88 करोड़ पीएमयूवाई लाभार्थी शामिल हैं, जो देश के कुल कनेक्शनों का 15% है। महाराष्ट्र में 3.2 करोड़, पश्चिम बंगाल में 2.72 करोड़, तमिलनाडु में 2.4 करोड़, बिहार में 2.33 करोड़ और कर्नाटक में 1.9 करोड़ कनेक्शन हैं। ये राज्य योजना के सबसे बड़े लाभार्थी बने हुए हैं।
पीएमयूवाई के तहत लाभार्थियों की स्थिति
कुल पीएमयूवाई कनेक्शन : 10.56 करोड़
लाभार्थी वर्ग : मुख्य रूप से बीपीएल, एससी/एसटी, अल्पसंख्यक और ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाएं
विशेष फोकस : योजना के तहत महिलाओं के नाम पर कनेक्शन जारी किए जाते हैं, जिससे घरेलू निर्णय लेने में उनकी भागीदारी बढ़ी है।
योजना ने चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया है। पहले चरण में 8 करोड़ कनेक्शन, फिर उज्ज्वला 2.0 में अतिरिक्त 1 करोड़, उसके बाद 60 लाख और 75 लाख के लक्ष्य पूरे किए गए। हाल के वर्षों में 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई, जिससे कुल आंकड़ा 10.56 करोड़ तक पहुंचा।
सब्सिडी व्यवस्था और राहत
सरकार पीएमयूवाई लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी दे रही है, जो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बैंक खाते में आती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह सब्सिडी 9 रिफिल तक सीमित है (5 किलोग्राम सिलेंडर के लिए आनुपातिक)। इससे गरीब परिवारों को महंगाई के बावजूद खाना पकाने का खर्च कम होता है।
वर्तमान में एलपीजी कीमतें शहरों में 900-920 रुपये प्रति सिलेंडर तक हैं, लेकिन सब्सिडी से प्रभावी लागत घट जाती है। लाभार्थियों को साल में अधिकतम 9 रिफिल पर यह राहत मिलती है, ताकि सतत उपयोग सुनिश्चित हो।
वितरण नेटवर्क और उपलब्धता
देश में 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप हैं, जिनमें 17,677 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स से सप्लाई होती है। हालांकि वैश्विक तनाव के कारण हाल में सप्लाई चेन प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने घरेलू उत्पादन 25% बढ़ाया और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी।
राज्यवार प्रमुख आंकड़े (प्रमुख राज्य)
| राज्य | कुल एलपीजी उपभोक्ता (करोड़) | पीएमयूवाई लाभार्थी (करोड़) | देश में हिस्सेदारी (%) |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 4.87 | 1.88 | 15 |
| महाराष्ट्र | 3.2 | – | – |
| पश्चिम बंगाल | 2.72 | – | – |
| तमिलनाडु | 2.4 | – | – |
| बिहार | 2.33 | – | – |
| कर्नाटक | 1.9 | – | – |
ये आंकड़े योजना की सफलता दिखाते हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी कवरेज बढ़ा और स्वास्थ्य जोखिम कम हुए।
Disclaimer : यह समाचार रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है।