“मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल की तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार में चौथे दिन भी भारी बिकवाली जारी रही। सेंसेक्स 1,122 अंकों की गिरावट के साथ 79,116 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 385 अंकों की गिरावट के साथ 24,480 के स्तर पर सेटल हुआ। इंट्राडे में सेंसेक्स 1,795 अंकों तक टूटकर 78,443 के निचले स्तर पर पहुंचा और निफ्टी 24,305 तक फिसला, जिससे निवेशकों का करीब 4-5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।”
शेयर बाजार में भारी गिरावट बरकरार
मिडिल ईस्ट संकट के गहराने से वैश्विक स्तर पर रिस्क-ऑफ मूड बरकरार है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ रहा है। बुधवार को बाजार चौथे लगातार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 1,122.66 अंकों यानी 1.40% की गिरावट के साथ 79,116.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 385.20 अंकों यानी 1.55% टूटकर 24,480.50 के स्तर पर पहुंच गया। यह निफ्टी का छह महीने का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है, जबकि सेंसेक्स 11 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ।
इंट्राडे में गिरावट और भी गहरी रही। सेंसेक्स 2.23% यानी 1,795.65 अंकों तक फिसलकर 78,443.20 के निचले स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी 2.25% यानी 560 अंकों तक गिरकर 24,305.40 पर पहुंचा। हालांकि, अंतिम घंटों में कुछ रिकवरी दिखी, लेकिन बिकवाली का दबाव हावी रहा।
मुख्य कारण: मिडिल ईस्ट टेंशन और क्रूड ऑयल की उछाल
ईरान-इजराइल-यूएस संघर्ष तेज होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 2-3% ऊपर चढ़ा, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश में इन्फ्लेशन का खतरा बढ़ गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरे की आशंका से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
इसके अलावा, FIIs की भारी बिकवाली जारी है। पिछले कुछ सत्रों में विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि DIIs ने सपोर्ट दिया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं साबित हुआ। ग्लोबल मार्केट्स में भी कमजोरी है, एशियाई और यूरोपीय इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
सबसे ज्यादा गिरावट : मेटल, PSU बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर 3-4% तक टूटे। एविएशन, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी दबाव में रहे।
कुछ हद तक संभलाव : Nifty IT इंडेक्स अकेला गेनर रहा, 0.11% ऊपर बंद हुआ। कुछ डिफेंस स्टॉक्स जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में हल्की बढ़त देखी गई।
ब्रॉड मार्केट : मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1-2% नीचे बंद हुए, जिससे निवेशकों का नुकसान और बढ़ा।
टेक्निकल लेवल्स और आगे का रुख
निफ्टी अब 24,400-24,500 के सपोर्ट जोन में है। अगर यह स्तर टूटता है, तो 24,200-24,000 तक गिरावट संभव है। रेजिस्टेंस 24,800-25,000 के आसपास है। सेंसेक्स के लिए 79,000 महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 80,000-80,200 रेजिस्टेंस जोन।
इंडिया VIX 23% तक उछलकर 17-18 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता को दर्शाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में कोई राहत नहीं मिलती या क्रूड ऑयल की कीमतें कंट्रोल नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
शॉर्ट टर्म में कैश पोजीशन बनाए रखें और वेट एंड वॉच स्ट्रैटेजी अपनाएं।
क्रूड-सेंसिटिव सेक्टर्स से सावधानी बरतें, जबकि डिफेंस और कुछ IT स्टॉक्स में ऑपर्चुनिटी तलाश सकते हैं।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए क्वालिटी स्टॉक्स में डिप पर खरीदारी का मौका बन सकता है, लेकिन वोलेटिलिटी को ध्यान में रखें।