“पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार बढ़ रहा है, जहां मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी या मार्च 2026 में जारी होने की संभावना है। किसानों को ई-केवाईसी, फार्मर आईडी और बैंक डिटेल्स अपडेट करने की सलाह दी जा रही है ताकि 2,000 रुपये की राशि समय पर मिल सके। योजना के तहत अब तक 14 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, लेकिन बिहार जैसे राज्यों में लाखों लाभार्थी नए नियमों से प्रभावित हो सकते हैं।”
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में वितरित होती है। योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी और अब तक 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिसमें नवंबर 2025 में 21वीं किस्त तमिलनाडु के कोयंबटूर से जारी की गई। 22वीं किस्त की रिलीज को लेकर किसान उत्सुक हैं, खासकर बजट सत्र के बाद और होली के त्योहार से पहले। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह किस्त फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में जारी हो सकती है, क्योंकि योजना की किस्तें आमतौर पर हर चार महीने में रिलीज होती हैं—दिसंबर-मार्च, अप्रैल-जुलाई और अगस्त-नवंबर के बीच।
योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां केंद्र सरकार ने अब तक 2.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है। वर्तमान में, 14.5 करोड़ से अधिक किसान इस योजना से जुड़े हैं, लेकिन कुछ राज्यों में वेरिफिकेशन की कमी से लाखों आवेदन रुके हुए हैं। उदाहरण के लिए, बिहार में 50 लाख से अधिक किसानों को फार्मर आईडी की अनिवार्यता के कारण 22वीं किस्त में देरी का सामना करना पड़ सकता है। यह आईडी राज्य स्तर पर जारी की जाती है और इसमें भूमि रिकॉर्ड, आधार और बैंक डिटेल्स का वेरिफिकेशन शामिल होता है।
22वीं किस्त की अपडेटेड स्थिति
संभावित रिलीज विंडो : फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले हफ्ते में, क्योंकि यूनियन बजट 2026 में कृषि सेक्टर के लिए अतिरिक्त फंडिंग की घोषणा हुई है, जो योजना को मजबूत करेगी।
राशि ट्रांसफर : डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक अकाउंट में 2,000 रुपये क्रेडिट होंगे। यदि अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो राशि होल्ड हो सकती है।
नए नियमों का प्रभाव : केंद्र ने फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है, जो किसानों की पहचान को मजबूत करता है और डुप्लिकेट एंट्री रोकता है। बिना इसके, 22वीं किस्त रोक दी जा सकती है।
राज्यवार लाभार्थी : उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2.5 करोड़ लाभार्थी हैं, उसके बाद महाराष्ट्र (1.2 करोड़) और बिहार (1.1 करोड़)। योजना से महिला किसानों की भागीदारी 26% तक पहुंच गई है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे PM Kisan पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति जांचें। यदि स्टेटस “पेंडिंग” दिख रहा है, तो तुरंत सुधार करें। योजना में शामिल होने के लिए न्यूनतम 2 हेक्टेयर भूमि की शर्त नहीं है, लेकिन आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी अयोग्य हैं।
ई-केवाईसी कैसे पूरा करें
ई-केवाईसी (e-KYC) अब OTP-बेस्ड या फेस ऑथेंटिकेशन से उपलब्ध है, जो PM Kisan पोर्टल पर आसानी से किया जा सकता है। यहां स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:
PM Kisan वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएं।
“e-KYC” सेक्शन चुनें।
आधार नंबर दर्ज करें और OTP प्राप्त करें।
OTP वेरिफाई करें या फेस स्कैन का उपयोग करें।
यदि सफल, स्टेटस “कंप्लीट” दिखेगा।
फेस ऑथेंटिकेशन मोबाइल ऐप के माध्यम से भी संभव है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए सुविधाजनक है। यदि ई-केवाईसी नहीं किया गया, तो 22वीं किस्त रुक सकती है, जैसा कि पिछले साल 10 लाख से अधिक मामलों में हुआ था।
योजना के प्रमुख लाभ और चुनौतियां
| पैरामीटर | विवरण | वर्तमान डेटा |
|---|---|---|
| कुल वितरित राशि | योजना की शुरुआत से अब तक | 2.81 लाख करोड़ रुपये |
| लाभार्थी संख्या | सक्रिय किसान | 14.5 करोड़ |
| औसत किस्त समय | रिलीज अंतराल | 4 महीने |
| अस्वीकृत आवेदन | मुख्य कारण: अपूर्ण दस्तावेज | 1.5 करोड़ |
| महिला लाभार्थी | प्रतिशत | 26% |
| राज्यवार उच्चतम | उत्तर प्रदेश | 2.5 करोड़ |
योजना से किसानों की आय में 10-15% की वृद्धि देखी गई है, खासकर छोटे और सीमांत किसानों में। हालांकि, चुनौतियां जैसे बैंक अकाउंट में नाम मिसमैच, आधार लिंकिंग की कमी और राज्य स्तर पर वेरिफिकेशन देरी से लाखों किसान प्रभावित होते हैं। केंद्र ने हाल ही में हेल्पलाइन नंबर 155261 और 1800115526 को अपग्रेड किया है, जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
लाभार्थी स्टेटस कैसे जांचें
PM Kisan पोर्टल पर “Beneficiary Status” सेक्शन में आधार, अकाउंट या मोबाइल नंबर से सर्च करें।
यदि 22वीं किस्त पेंडिंग है, तो लोकल कृषि कार्यालय या CSC सेंटर से संपर्क करें।
नए रजिस्ट्रेशन के लिए: “Farmer Corner” में “New Farmer Registration” चुनें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
योजना में हाल के अपडेट्स में फार्मर आईडी को अनिवार्य करना शामिल है, जो डिजिटल इंडिया के तहत किसानों को एक यूनिक आईडी प्रदान करता है। इससे न केवल PM Kisan बल्कि अन्य कृषि योजनाओं जैसे फसल बीमा और सब्सिडी में आसानी होगी। बिहार में यह आईडी राज्य सरकार के DBT पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है, जहां 50 लाख किसानों को जल्द अपडेट करने की जरूरत है।
योजना से जुड़ी अन्य सुविधाएं
मोबाइल ऐप : PM Kisan GoI ऐप से स्टेटस चेक, ई-केवाईसी और हेल्पलाइन एक्सेस।
किस्त ट्रैकिंग : पोर्टल पर “Installment Payment Status” से पिछली और आगामी किस्तों की जानकारी।
अस्वीकृति के कारण : आमतौर पर गलत बैंक IFSC कोड, नाम स्पेलिंग एरर या आयकर दाता होना। सुधार के लिए 30 दिनों का समय मिलता है।
विशेष राज्य प्रावधान : पूर्वोत्तर राज्यों में भूमि रिकॉर्ड की कमी से वैकल्पिक वेरिफिकेशन की अनुमति है।
किसानों को सुझाव है कि वे फर्जी वेबसाइट्स से बचें और केवल आधिकारिक PM Kisan पोर्टल का उपयोग करें। योजना की सफलता से कृषि सेक्टर में निवेश बढ़ा है, जहां किसान अब बीज, उर्वरक और मशीनरी पर अतिरिक्त खर्च कर पा रहे हैं।
Disclaimer: यह समाचार, रिपोर्ट और स्रोतों पर आधारित है।