15 हजार करोड़ का AMCA ऑर्डर चूकने से HAL शेयर धड़ाम! हर स्टॉक पर 370 रुपये से ज्यादा का नुकसान – जानें क्यों हुआ ये हादसा

“हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट से बाहर होने की रिपोर्ट्स के बाद उसके शेयरों में 8.3% तक की गिरावट आई, जिससे हर शेयर पर 370 रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, L&T और भारत फोर्ज को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जबकि HAL का बड़ा ऑर्डर बुक इसकी वजह बताया जा रहा है। प्रोजेक्ट में 5 प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए सरकार 15 हजार करोड़ रुपये का फंड देगी, जो भारत की 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का हिस्सा है।”

HAL के शेयरों में भारी गिरावट का कारण

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के महत्वाकांक्षी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट से HAL को बाहर कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट 15 हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट के 5 प्रोटोटाइप विकसित किए जाने हैं। HAL की जगह टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत फोर्ज को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन कंपनियों में से एक को अंतिम रूप से चुना जाएगा, और चयन प्रक्रिया अगले तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।

AMCA प्रोजेक्ट भारत की वायुसेना को मजबूत बनाने का अहम हिस्सा है। इसमें स्टील्थ टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड सेंसर और हाई-स्पीड कॉम्बैट क्षमता शामिल है। सरकार ने इस चरण के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो डिजाइन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट पर खर्च होगा। बाद में, इंडियन एयर फोर्स (IAF) द्वारा 120 फाइटर जेट्स का ऑर्डर दिया जा सकता है, जिनकी डिलीवरी 2035 के आसपास शुरू हो सकती है। HAL के बाहर होने का मुख्य कारण उसका मौजूदा ऑर्डर बुक बताया जा रहा है, जो 2.52 लाख करोड़ रुपये का है। यह HAL की FY25 टर्नओवर (30,105 करोड़ रुपये) से 8 गुना से ज्यादा है। EoI (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) में शर्त थी कि कंपनियों का ऑर्डर बुक उनके टर्नओवर से तीन गुना से अधिक नहीं होना चाहिए, ताकि नए प्रोजेक्ट पर फोकस बना रहे। HAL पहले से ही LCA (Tejas) एयरक्राफ्ट प्रोग्राम पर काम कर रहा है, और सरकार चाहती है कि वह उसी पर ध्यान केंद्रित करे।

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शेयर मार्केट पर असर

BSE पर HAL के शेयर 8.3% गिरकर इंट्राडे लो 4,100 रुपये पर पहुंच गए, जबकि पिछले क्लोजिंग प्राइस से तुलना में हर शेयर पर 372 रुपये का नुकसान हुआ। NSE पर भी शेयर 4,097.60 रुपये तक गिरे। बाद में शेयर थोड़े रिकवर हुए और 4,204 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, लेकिन कुल मिलाकर 6% की गिरावट बनी रही। इस गिरावट से HAL का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी प्रभावित हुआ, जो पहले से ही 2.81 लाख करोड़ रुपये के आसपास था।

इसके उलट, शॉर्टलिस्टेड कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया। L&T के शेयर 1% से ज्यादा बढ़े, जबकि भारत फोर्ज के शेयर भी 1% ऊपर ट्रेड कर रहे थे। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, जो टाटा ग्रुप का हिस्सा है, की परफॉर्मेंस भी पॉजिटिव रही। एनालिस्ट्स का कहना है कि HAL के शेयरों में कमजोर मोमेंटम है, और की सपोर्ट लेवल 4,100 रुपये के आसपास है। अगर यह लेवल टूटा तो आगे गिरावट आ सकती है।

HAL की सफाई और आगे की चुनौतियां

कंपनीशेयर गिरावट/उछाल (%)इंट्राडे लो (रुपये)मौजूदा प्रभाव
HAL-8.3%4,100बड़ा नुकसान, निवेशक चिंतित
L&T+1%N/Aपॉजिटिव मोमेंटम, AMCA से फायदा
भारत फोर्ज+1%N/Aडिफेंस सेक्टर में मजबूती
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्सN/AN/Aग्रुप शेयरों में उछाल

HAL ने सफाई देते हुए कहा है कि उसे AMCA प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। कंपनी का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। हालांकि, रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि HAL EoI क्राइटेरिया पर खरा नहीं उतरा। HAL का फोकस अब मौजूदा ऑर्डर्स पर रहेगा, जैसे Tejas प्रोग्राम, जहां उसका बड़ा योगदान है।

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AMCA प्रोजेक्ट भारत के डिफेंस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों को बढ़ावा देने का संकेत है। टाटा, L&T और भारत फोर्ज जैसी कंपनियां पहले से ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में सक्रिय हैं। टाटा ने Airbus के साथ पार्टनरशिप की है, L&T सबमरीन और आर्टिलरी सिस्टम्स बनाती है, जबकि भारत फोर्ज एयरोस्पेस कंपोनेंट्स में एक्सपर्ट है। इनमें से चुनी गई कंपनी को 15 हजार करोड़ रुपये का फंड मिलेगा, जो प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल होगा।

निवेशकों के लिए सलाह

एनालिस्ट्स सुझाव दे रहे हैं कि HAL के शेयरों में गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, क्योंकि कंपनी का फंडामेंटल मजबूत है। HAL का ऑर्डर बुक 2.52 लाख करोड़ रुपये का है, जो अगले कई सालों की ग्रोथ सुनिश्चित करता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है। निवेशकों को 4,100 रुपये का सपोर्ट लेवल मॉनिटर करना चाहिए। अगर AMCA से जुड़ी कोई पॉजिटिव अपडेट आती है, तो रिकवरी हो सकती है।

डिफेंस सेक्टर में भारत का फोकस बढ़ रहा है, और AMCA जैसे प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम हैं। HAL भले ही इस प्रोजेक्ट से बाहर हो, लेकिन उसके पास अन्य बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हैं, जैसे हेलिकॉप्टर्स और इंजन मैन्युफैक्चरिंग।

AMCA प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

स्टील्थ टेक्नोलॉजी : रडार से बचने की क्षमता, जो 5वीं पीढ़ी के जेट्स की पहचान है।

एडवांस्ड सेंसर : AI-बेस्ड सिस्टम्स जो कॉम्बैट में रियल-टाइम डेटा देते हैं।

हाई-स्पीड : सुपरक्रूज कैपेबिलिटी, बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक स्पीड।

मैन्युफैक्चरिंग : चुनी गई कंपनी 5 प्रोटोटाइप बनाएगी, जिसके बाद बड़े स्केल प्रोडक्शन।

IAF की जरूरत : 120 जेट्स का शुरुआती ऑर्डर, जो पुराने फाइटर जेट्स को रिप्लेस करेगा।

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यह घटना डिफेंस सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ाने का संकेत है, जहां प्राइवेट प्लेयर्स अब PSU कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं। HAL के लिए यह एक सेटबैक है, लेकिन उसके मजबूत ऑर्डर बुक से रिकवरी की उम्मीद है।

Disclaimer: This news is based on reports and sources.

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