फ्लाइट में हंगामा किया तो 30 दिनों तक बैन, DGCA की सख्ती: अब एयरलाइंस सीधे लगा सकेंगी उड़ान प्रतिबंध

“DGCA ने उग्र यात्रियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। एयरलाइंस अब धूम्रपान, शराब, इमरजेंसी उपकरण दुरुपयोग जैसे मामलों में सीधे 30 दिनों तक फ्लाइट बैन लगा सकेंगी। गंभीर मामलों में 2 साल या उससे अधिक का प्रतिबंध संभव, जिससे हवाई सुरक्षा मजबूत होगी।”

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने उग्र और डिसरप्टिव यात्रियों पर कार्रवाई के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। यह प्रस्ताव 2017 के मौजूदा नियमों की जगह लेगा और हवाई यात्रा में अनुशासन बनाए रखने के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर जोर देता है। नए नियमों के तहत एयरलाइंस को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे वे बिना इंडिपेंडेंट कमिटी के रेफर किए कुछ मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।

मुख्य बदलाव और तत्काल कार्रवाई

एयरलाइंस अब ‘डिसरप्टिव’ यात्रियों पर सीधे 30 दिनों तक का फ्लाइंग बैन लगा सकेंगी।

यह बैन इंडिपेंडेंट कमिटी को मामला भेजे बिना लागू होगा।

मौजूदा नियमों में पेंडिंग कमिटी डिसीजन के दौरान अधिकतम 45 दिनों का अंतरिम बैन संभव था, लेकिन अब डिसरप्टिव एक्ट्स के लिए 30 दिनों का डायरेक्ट बैन प्रस्तावित है।

DGCA को हर ऐसे बैन की सूचना देनी अनिवार्य होगी, लेकिन ऐसे यात्री रेगुलेटर की ऑफिशियल नो-फ्लाई लिस्ट में नहीं जुड़ेंगे।

डिसरप्टिव एक्ट्स की नई परिभाषा DGCA ने छह नए कैटेगरी में व्यवहार को डिसरप्टिव घोषित किया है, जिन पर तत्काल 30 दिनों का बैन लग सकता है:

विमान में धूम्रपान करना।

केबिन क्रू द्वारा न सर्व की गई शराब का सेवन (डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर पूरी तरह प्रतिबंधित, इंटरनेशनल में भी नियमों के विरुद्ध)।

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इमरजेंसी एग्जिट या लाइफ सेविंग इक्विपमेंट (जैसे लाइफ जैकेट) का दुरुपयोग या अनधिकृत इस्तेमाल।

विमान में प्रोटेस्ट या स्लोगन लगाना।

नशे की हालत में उग्र व्यवहार।

अन्य डिसऑर्डरली बिहेवियर, जैसे चिल्लाना, अन्य यात्रियों को परेशान करना, सीट बैक किक करना या ट्रे टेबल पर थपथपाना।

ग्रेडेड पेनल्टी सिस्टम नए ड्राफ्ट में उग्र व्यवहार को चार लेवल में बांटा गया है, जिसमें बैन की अवधि व्यवहार की गंभीरता पर निर्भर करेगी:

लेवलव्यवहार का प्रकारसंभावित बैन अवधि
लेवल 1मामूली उग्रता (verbal abuse, minor disturbance)अधिकतम 3 महीने तक
लेवल 2शारीरिक उत्पीड़न या मध्यम गंभीरताअधिकतम 6 महीने तक
लेवल 3गंभीर हिंसा या खतरा2 साल या अधिक
लेवल 4कॉकपिट में घुसना, जीवन को खतरा2 साल से अधिक या लाइफटाइम

गंभीर मामलों में इंडिपेंडेंट कमिटी फैसला लेगी और यात्री को नेशनल नो-फ्लाई डेटाबेस में शामिल किया जा सकता है, जिसे सभी एयरलाइंस शेयर करेंगी।

अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

प्रस्तावित नियम सभी भारतीय एयरलाइंस, डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स, भारतीय एयरपोर्ट्स और भारत से/की यात्रा करने वाले सभी यात्रियों पर लागू होंगे।

एयरलाइंस को एयरपोर्ट और विमान दोनों जगहों पर उग्र यात्रियों से निपटने के लिए सख्त SOP बनाने होंगे।

कमिटी फैसले के खिलाफ अपील 60 दिनों के अंदर अपीलेट कमिटी में की जा सकेगी।

नेशनल सिक्योरिटी मामलों में गृह मंत्रालय सीधे नो-फ्लाई लिस्ट प्रदान कर सकता है।

ड्राफ्ट पर स्टेकहोल्डर्स से 16 मार्च तक कमेंट्स मांगे गए हैं, जिसके बाद नियम फाइनल होंगे।

ये बदलाव हाल के वर्षों में बढ़े उग्र व्यवहार के मामलों को देखते हुए लाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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Disclaimer: यह खबर सार्वजनिक ड्राफ्ट नियमों पर आधारित है और सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। नियमों में बदलाव संभव है। यात्रा से पहले एयरलाइन नियम जांचें।

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