“भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग में पिछले छह वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। 2020 से 2025 तक EV रजिस्ट्रेशन में कई गुना इजाफा हुआ, जहां 2025 में अकेले 23 लाख से अधिक यूनिट्स रजिस्टर्ड हुए, जो कुल नए वाहन रजिस्ट्रेशन का 8% है। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन बाजार पर हावी रहे, जबकि चारपहिया और तीनपहिया सेगमेंट में भी तेज ग्रोथ दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य EV अपनाने में आगे हैं, सरकारी नीतियां और फेस्टिव डिमांड ने इस बदलाव को गति दी है।”
भारत में बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग: बीते छह सालों में रजिस्ट्रेशन के आंकड़े
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। पिछले छह वर्षों (2020 से 2025 तक) में EV रजिस्ट्रेशन में लगातार वृद्धि हुई है, जो सरकारी इंसेंटिव्स, बैटरी कीमतों में कमी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और उपभोक्ता जागरूकता के कारण है।
2025 में कुल EV रजिस्ट्रेशन 23 लाख से अधिक पहुंच गए, जिसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यह आंकड़ा कुल ऑटोमोबाइल रजिस्ट्रेशन का लगभग 8% है, जो 2024 के 7.47% से बढ़कर पहुंचा। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने 56-57% मार्केट शेयर बनाए रखा, जबकि पैसेंजर इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों में 77% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई।
पिछले छह सालों के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
2020: EV रजिस्ट्रेशन अपेक्षाकृत कम, महज कुछ लाख यूनिट्स के आसपास (पैंडेमिक प्रभावित)।
2021-2022: ग्रोथ तेज हुई, इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया सेगमेंट में उछाल।
2023: EV पेनेट्रेशन 6.38% तक पहुंचा।
2024: लगभग 19.5 लाख यूनिट्स, पेनेट्रेशन 7.47%।
2025: रिकॉर्ड 22.7 से 23 लाख यूनिट्स, पेनेट्रेशन 8% से अधिक।
कुल मिलाकर, 2019-2020 से 2025 तक EV रजिस्ट्रेशन में 91% से अधिक की वृद्धि हुई, जहां FY20 में 1.74 लाख से FY25 में 19.68 लाख तक पहुंचा। कैलेंडर ईयर 2025 में 2.3 मिलियन यूनिट्स की बिक्री ने माइलस्टोन सेट किया।
सेगमेंट-वाइज ब्रेकडाउन (2025 में)
| सेगमेंट | रजिस्ट्रेशन (लगभग, 2025) | सालाना ग्रोथ (%) | मार्केट शेयर (%) |
|---|---|---|---|
| इलेक्ट्रिक दोपहिया (E2W) | 12.8 लाख | 11 | 56-57 |
| इलेक्ट्रिक तीनपहिया (E3W) | 7.9-8 लाख | 15 | 35 |
| इलेक्ट्रिक चारपहिया पैसेंजर (E-PV) | 1.76-1.77 लाख | 77 | 8 |
| इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन (E-CV) | 15-16 हजार | 57 | 0.7 |
| कुल EV | 22.7-23 लाख | 16 | 8 |
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में सबसे प्रमुख रहे, जहां Ola Electric, TVS Motor, Bajaj Auto और Ather Energy जैसे ब्रांड्स ने प्रमुख योगदान दिया। पैसेंजर EV सेगमेंट में Tata Motors ने 40% शेयर बनाए रखा, जबकि MG Motor और अन्य ने प्रतिस्पर्धा बढ़ाई।
राज्य-वार प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा EV बाजार बना रहा, जहां 2025 में 4 लाख से अधिक यूनिट्स रजिस्टर्ड हुए (कुल का 18%)। महाराष्ट्र (12%), कर्नाटक (9%) और अन्य राज्य मिलकर 40% से अधिक हिस्सा रखते हैं। ट्रिपुरा, असम, दिल्ली, केरल और गोवा जैसे राज्य EV पेनेट्रेशन में टॉप पर रहे, जहां 10-18% तक नई रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक थीं। दक्षिणी राज्य जैसे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु पैसेंजर EV में लगातार एक-तिहाई हिस्सा रखते आए हैं।
वृद्धि के प्रमुख कारण
सरकारी नीतियां जैसे FAME स्कीम, राज्य-स्तरीय इंसेंटिव्स, GST में कमी और त्योहारी सीजन की डिमांड ने ग्रोथ को बढ़ावा दिया। बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार से रेंज बढ़ी और कीमतें घटीं। चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विस्तार हो रहा है, जिससे शहरी उपभोक्ताओं के लिए EV अपनाना आसान हुआ।
कुल मिलाकर, पिछले छह सालों में EV रजिस्ट्रेशन 20 लाख से अधिक हो चुके हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 2025 तक क्यूमुलेटिव 79 लाख तक), जो भारत को ग्लोबल EV ट्रांजिशन में मजबूत स्थिति दे रहा है। 2030 तक 30% पेनेट्रेशन का लक्ष्य हासिल करने के लिए यह गति महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रीयल-टाइम डेटा और ट्रेंड्स पर आधारित है। आंकड़े Vahan पोर्टल और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स से संकलित हैं।