बजट से पहले टाटा की बड़ी डिमांड, सस्ती इलेक्ट्रिक कारों को मिल सकती है राहत; EV खरीदारों के लिए आ सकती है गुड न्यूज

टाटा मोटर्स ने आगामी केंद्रीय बजट में एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लक्षित प्रोत्साहन की मांग की है, जिससे 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली EV कारों को राहत मिल सकती है और फ्लीट सेगमेंट में EV अपनाने को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कंपनी पैसेंजर व्हीकल बिजनेस में 33,000-35,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।

टाटा मोटर्स ने केंद्रीय बजट 2026 से पहले सरकार से एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए विशेष प्रोत्साहन की मांग की है। कंपनी का कहना है कि ऐसे वाहनों को लक्षित सब्सिडी या टैक्स राहत मिलने से सस्ती EV कारों की कीमतें और कम हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए EV खरीदना आसान होगा। टाटा मोटर्स के CEO शैलेश चंद्रा ने बताया कि GST कटौती ने एंट्री-लेवल EV की कीमत समानता को प्रभावित किया है, इसलिए सरकारी समर्थन जरूरी है।

फ्लीट सेगमेंट में EV को बढ़ावा देने के लिए भी कंपनी ने अलग से सहायता मांगी है, जहां टैक्सी और कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटर्स को EV अपनाने में मदद मिल सकती है। इससे EV बाजार में ग्रोथ तेज होगी, खासकर उन सेगमेंट्स में जहां कीमत संवेदनशीलता ज्यादा है।

मुख्य मांगें और संभावित प्रभाव:

एंट्री-लेवल EV के लिए प्रोत्साहन: 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों पर सब्सिडी या टैक्स छूट, जो Tiago EV जैसे मॉडल्स को और सस्ता बना सकती है।

फ्लीट EV सपोर्ट: कमर्शियल यूज के लिए EV पर विशेष इंसेंटिव, जिससे Uber और Ola जैसे प्लेटफॉर्म्स EV फ्लीट बढ़ा सकें।

निवेश योजनाएं: टाटा मोटर्स 2026 से 2030 तक पैसेंजर व्हीकल बिजनेस में 33,000-35,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जिसमें EV डेवलपमेंट पर फोकस होगा।

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बाजार प्रभाव: यदि मांग मानी गई, तो EV पेनेट्रेशन 2025 के 2% से बढ़कर 2026 में 5% तक पहुंच सकता है, जो भारत के ग्रीन मोबिलिटी लक्ष्यों को सपोर्ट करेगा।

EV बाजार की मौजूदा स्थिति (तालिका):

सेगमेंटमौजूदा बाजार शेयर (%)संभावित राहत से लाभ
एंट्री-लेवल EV (₹10 लाख से कम)40कीमत में 10-15% कमी, बिक्री में 20% वृद्धि
फ्लीट EV25ऑपरेशनल कॉस्ट में 8% बचत, अपनाने की दर दोगुनी
कुल EV बाजार2 (भारत में)कुल ग्रोथ 3-5% तक बढ़ोतरी

कंपनी ने जोर दिया कि ऐसे कदम EV अपनाने को तेज करेंगे, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में जहां कीमत प्रमुख फैक्टर है। इससे EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी निवेश बढ़ेगा, जो वर्तमान में 10,000 स्टेशनों से अधिक है लेकिन 2026 तक 50,000 तक पहुंचने का लक्ष्य है।

EV खरीदारों के लिए संभावित गुड न्यूज:

बजट में यदि EV पर FAME-III स्कीम लॉन्च हुई, तो बैटरी कॉस्ट में 20% तक कमी आ सकती है।

टैक्स ब्रेक से Tiago EV की ऑन-रोड प्राइस ₹8 लाख से नीचे आ सकती है।

फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए लोन सब्सिडी, जो间接 रूप से राइड-शेयरिंग कॉस्ट कम करेगी।

ये मांगें ऑटोमेकर्स और EV प्लेयर्स की व्यापक अपील का हिस्सा हैं, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग और रूरल इनकम सपोर्ट भी शामिल है।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट है, स्रोतों पर आधारित टिप्स और जानकारी प्रदान करती है।

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