“देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को इनकम टैक्स विभाग से वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 6,337 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, जिसमें ब्याज शामिल है। बैंक ने इस आदेश को चुनौती देने की योजना बनाई है, क्योंकि यह पुराने विवादों से जुड़े मुद्दों पर आधारित है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को ट्रेडिंग सेशन में शेयर पर दबाव देखा जा सकता है, हालांकि बैंक का परिचालन प्रभावित नहीं होगा।”
एसबीआई पर इनकम टैक्स का 6,337 करोड़ का डिमांड
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि इनकम टैक्स विभाग की असेसमेंट यूनिट से 19 मार्च 2026 को एक आदेश प्राप्त हुआ है। इस आदेश के तहत असेसमेंट ईयर 2023-24 (वित्त वर्ष 2022-23) के लिए कुल 6,337.52 करोड़ रुपये (लगभग 6,337 करोड़) का टैक्स डिमांड उठाया गया है, जिसमें मूल टैक्स के साथ ब्याज भी शामिल है।
यह डिमांड स्क्रूटनी असेसमेंट प्रक्रिया के दौरान विभाग द्वारा बैंक की विभिन्न क्लेम्स को अस्वीकार करने के कारण आई है। आदेश सेक्शन 143(3) के साथ-साथ सेक्शन 144C(3) और 144B के तहत जारी किया गया है। बैंक ने स्पष्ट किया कि यह डिमांड विभिन्न धाराओं के तहत उठाई गई है, जहां विभाग ने बैंक के खर्चों, प्रोविजन या अन्य आय संबंधी मदों पर असहमति जताई है।
एसबीआई ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपीलेट अथॉरिटी में अपील दाखिल करेगा। बैंक पहले से ही इसी तरह के आधारों पर पिछले वर्षों के लिए लंबित मुकदमों में शामिल है। ऐसे मामलों में बैंक अक्सर अपील के माध्यम से राहत प्राप्त करता रहा है।
मार्केट पर संभावित प्रभाव
यह खबर शुक्रवार को सामने आने के बाद भी बाजार बंद होने के कारण शेयर पर तत्काल असर नहीं दिखा। हालांकि, सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो निवेशकों में सतर्कता देखी जा सकती है। एसबीआई का शेयर पिछले कुछ महीनों में मजबूत प्रदर्शन कर रहा है, खासकर बैंक के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद। लेकिन इतनी बड़ी राशि का डिमांड नोटिस निवेशक भावना को प्रभावित कर सकता है।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि शेयर में 2-4 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, लेकिन अगर बैंक अपनी मजबूत बैलेंस शीट और प्रॉफिटेबिलिटी को हाइलाइट करता है, तो रिकवरी भी तेज हो सकती है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस डिमांड से उसके परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह पहले से प्रोविजन या कॉन्टिंजेंसी प्लान में शामिल हो सकता है।
एसबीआई की वित्तीय स्थिति पर नजर
एसबीआई भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसकी कुल एसेट्स 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हैं। हाल की तिमाही में बैंक ने मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, कम एनपीए और बढ़ती नेट इंटरेस्ट मार्जिन दिखाई है। टैक्स डिमांड के बावजूद, बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी मजबूत बनी हुई है।
मुख्य बिंदु तालिका
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| डिमांड राशि | 6,337.52 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) |
| असेसमेंट ईयर | 2023-24 (वित्त वर्ष 2022-23) |
| आदेश की तारीख | 19 मार्च 2026 |
| कारण | स्क्रूटनी असेसमेंट में क्लेम्स अस्वीकार |
| बैंक की प्रतिक्रिया | अपील दाखिल करने की योजना |
| परिचालन प्रभाव | कोई नहीं |
| संभावित मार्केट असर | सोमवार को शेयर पर दबाव संभव |
यह मामला भारतीय बैंकिंग सेक्टर में टैक्स विवादों की एक और कड़ी है, जहां बड़े बैंकों को अक्सर पुराने प्रोविजन, टीडीएस या अन्य मदों पर विभाग से नोटिस मिलते हैं। एसबीआई जैसे बड़े संस्थान अपील प्रक्रिया में मजबूत स्थिति रखते हैं।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और निवेश संबंधी सलाह नहीं है। बाजार जोखिमों के अधीन है।