“ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के बावजूद अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज मार्च 2026 में 38.9 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो हर घरेलू परिवार पर औसतन 2.88 लाख डॉलर (लगभग ₹2.4 करोड़) का बोझ डाल रहा है। युवा पीढ़ी Gen Z पर यह कर्ज सबसे ज्यादा असर डाल रहा है, जहां छात्र ऋण, महंगाई और कम वेतन के कारण आर्थिक स्थिरता मुश्किल हो गई है।”
ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के बीच बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत टैरिफ, इमिग्रेशन सख्ती और बड़े टैक्स कट्स जैसे कदम उठाए गए, लेकिन राष्ट्रीय कर्ज में कमी की बजाय तेजी से इजाफा हुआ है। मार्च 2026 तक कुल ग्रॉस नेशनल डेब्ट 38.86 ट्रिलियन डॉलर से 38.9 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुका है। पिछले एक साल में कर्ज 2.64 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा, यानी रोजाना औसतन 7.23 बिलियन डॉलर का इजाफा।
यह कर्ज हर अमेरिकी व्यक्ति पर 1.13 लाख डॉलर (लगभग ₹94 लाख) और हर घरेलू परिवार (हाउसहोल्ड) पर 2.88 लाख डॉलर (लगभग ₹2.4 करोड़) का बोझ डाल रहा है। ट्रंप के पहले साल में ही (जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक) कर्ज 2.25 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा। बड़े टैक्स कट्स और स्पेंडिंग पैकेज जैसे ‘One Big Beautiful Bill Act’ ने कर्ज को और बढ़ावा दिया, जिससे आने वाले दशक में डेब्ट जीडीपी के 120-134% तक पहुंच सकता है।
कर्ज का बढ़ता बोझ और इंटरेस्ट पेमेंट
कर्ज पर ब्याज दर 3.355% के आसपास है, जिससे सालाना इंटरेस्ट पेमेंट 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह फेडरल बजट का दूसरा सबसे बड़ा खर्च बन चुका है, सोशल सिक्योरिटी के बाद। अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो 2035 तक कर्ज 60 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे हर परिवार का हिस्सा दोगुना हो जाएगा।
ट्रंप प्रशासन के टैरिफ से कुछ राजस्व आया, लेकिन यह कर्ज वृद्धि को रोकने में नाकाफी साबित हुआ। बजट घाटा 2026 में 1.9 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है, जो 2036 तक 3.1 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है।
Gen Z पर सबसे गहरा असर
Gen Z (18-28 साल) इस कर्ज के बोझ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बढ़ते छात्र ऋण, हाउसिंग कॉस्ट और महंगाई ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। औसत Gen Z व्यक्ति पर 94,000 डॉलर (लगभग ₹78 लाख) का पर्सनल डेब्ट है, जो मिलेनियल्स (59,000 डॉलर) और Gen X (53,000 डॉलर) से ज्यादा है।
41% Gen Z हर महीने पैसे खत्म कर देते हैं, जबकि सिर्फ 22% खुद को फाइनेंशियली स्टेबल मानते हैं। छात्र लोन का बोझ सबसे बड़ा है, क्योंकि हायर एजुकेशन की लागत बढ़ी है। राष्ट्रीय कर्ज बढ़ने से इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी हो रही है, जिससे वेज बढ़ोतरी रुक गई और युवाओं के लिए जॉब्स में कॉम्पिटिशन बढ़ा।
यह generational imbalance पैदा कर रहा है, जहां युवा पीढ़ी को हाई इंटरेस्ट रेट, स्लो ग्रोथ और फ्यूचर टैक्स बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप की नीतियां जो टैक्स कट्स पर फोकस करती हैं, वे अमीरों को फायदा पहुंचाती हैं, जबकि स्पेंडिंग कट्स निचले वर्ग को प्रभावित करते हैं, जिससे असमानता बढ़ रही है।
अमेरिकी परिवारों पर कर्ज का प्रभाव
प्रति व्यक्ति कर्ज : लगभग 1.14 लाख डॉलर (₹94-97 लाख के आसपास, करेंसी रेट पर निर्भर)
प्रति हाउसहोल्ड कर्ज : 2.88 लाख डॉलर (₹2.4 करोड़+)
इंटरेस्ट बोझ : हर परिवार पर सालाना हजारों डॉलर का अतिरिक्त टैक्स इक्विवेलेंट
Gen Z औसत पर्सनल डेब्ट : 94,000 डॉलर, जिसमें छात्र लोन प्रमुख
डेली कर्ज वृद्धि : 7-8 बिलियन डॉलर
यह स्थिति अमेरिकी इकोनॉमी के लिए खतरा बन रही है, जहां कर्ज जीडीपी से ज्यादा है और फ्यूचर जनरेशंस पर बोझ बढ़ रहा है। ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ रेटोरिक के बावजूद फिस्कल रियलिटी अलग है, जहां कर्ज कंट्रोल से बाहर होता जा रहा है।
Disclaimer : यह लेख समाचार और विश्लेषण पर आधारित है। निवेश या फाइनेंशियल निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।