“भारतीय आईटी सेक्टर में लगातार तीसरे दिन भारी बिकवाली देखी गई है, जहां एनआईएफटीआईटी इंडेक्स 5% से अधिक टूटा और इंफोसिस-टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में 5-7% तक की गिरावट आई। एआई टूल्स के बढ़ते खतरे और ग्लोबल सॉफ्टवेयर सेलऑफ से ट्रिगर हुई इस गिरावट ने सेक्टर की मार्केट वैल्यू में अरबों डॉलर की कमी कर दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वैल्यूएशंस अब आकर्षक स्तर पर पहुंच चुके हैं और लॉन्ग टर्म में रिकवरी की संभावना मजबूत है।”
IT शेयरों में और बढ़ेगी गिरावट या अब आएगी तेजी, इंफोसिस और TCS के शेयरों पर क्या हो रणनीति? एक्सपर्ट से समझें
भारतीय आईटी सेक्टर पिछले कुछ दिनों से भारी दबाव में है। फरवरी 2026 में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी चिंताओं ने सेक्टर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। एनआईएफटीआईटी इंडेक्स पिछले दो दिनों में 10% से अधिक टूट चुका है और तीन दिनों में कुल गिरावट 12% के आसपास पहुंच गई। इस हफ्ते इंडेक्स में 9% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो मार्च 2020 के बाद सबसे तेज साप्ताहिक गिरावट है।
इस गिरावट का मुख्य कारण ग्लोबल सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में आई तेज बिकवाली है, खासकर एजेंटिक एआई टूल्स के लॉन्च के बाद। Anthropic जैसे प्लेयर्स के नए एआई प्रोडक्ट्स ने निवेशकों में डर पैदा किया है कि ये टूल्स ट्रेडिशनल आईटी सर्विसेज के लेबर-इंटेंसिव मॉडल को रिप्लेस कर सकते हैं। भारतीय आईटी कंपनियां, जो मुख्य रूप से आउटसोर्सिंग और मैनपावर-बेस्ड सर्विसेज पर निर्भर हैं, इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रही हैं।
मेजर आईटी शेयरों की मौजूदा स्थिति
इंफोसिस (Infosys) : शेयर प्राइस हाल में ₹1,281.50 के 52-वीक लो पर पहुंचा। पिछले कुछ दिनों में 13% से अधिक की गिरावट आई, जबकि पिछले एक महीने में 13-20% तक का नुकसान। वैल्यूएशन अब 22 गुना पी/ई के आसपास है, जो पिछले 10 साल के औसत से काफी नीचे है।
टीसीएस (TCS) : शेयर प्राइस ₹2,585 के नए 52-वीक लो पर पहुंचा। गिरावट 5% से अधिक रही, और पिछले दो दिनों में कुल 10% से ज्यादा का नुकसान। पी/ई रेशियो 20-21 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो 10 साल के औसत 27 से 25% डिस्काउंट पर है।
अन्य प्रमुख शेयर जैसे Wipro, HCL Tech, Tech Mahindra भी 4-7% तक गिरे और 52-वीक लो पर पहुंचे। सेक्टर की कुल मार्केट कैप में एक दिन में ही ₹1.3 लाख करोड़ से अधिक की कमी आई।
गिरावट के पीछे मुख्य कारण
एआई डिसरप्शन का डर : नए एआई टूल्स से आईटी सर्विसेज की डिमांड कम होने की आशंका। सेक्टर की $283 बिलियन इंडस्ट्री लेबर-बेस्ड मॉडल पर निर्भर है, जो अब चुनौती में है।
ग्लोबल टेक सेलऑफ : यूएस में सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में तेज गिरावट, एआई से जुड़े शेयर्स में करेक्शन।
मैक्रो फैक्टर्स : मजबूत यूएस जॉब्स डेटा से रेट कट की उम्मीद कम हुई, जिससे टेक सेक्टर पर दबाव बढ़ा।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ : हाल के क्वार्टर में ग्रोथ म्यूट रही, लेकिन ऑर्डर बुकिंग में 26% YoY ग्रोथ दिखी है।
एक्सपर्ट्स की राय और रणनीति
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट ओवर-रिएक्शन है और वैल्यूएशंस अब डेकेनल लो पर हैं। लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स के लिए मौका बन सकता है।
शॉर्ट टर्म : गिरावट जारी रह सकती है अगर एआई फियर्स बढ़ें या ग्लोबल मैक्रो वीक रहे। लेकिन कई एनालिस्ट्स कहते हैं कि सबसे खराब दौर पीछे छूट चुका है।
मीडियम टू लॉन्ग टर्म : 2026 में ग्रोथ 4-6% रह सकती है। एआई से प्रोडक्टिविटी गेंस (40-50% कुछ वर्कफ्लो में) और एडवांस्ड एआई रेवेन्यू ($100 मिलियन+ कुछ कंपनियों में) से फायदा होगा। मार्जिन एक्सपैंशन और स्ट्रॉन्ग कैश फ्लो (नेट प्रॉफिट के करीब) डिविडेंड सपोर्ट देंगे।
इंफोसिस पर रणनीति : वैल्यूएशन आकर्षक होने से होल्ड या बाय ऑन डिप्स। एआई प्लेटफॉर्म्स से गेन होगा।
टीसीएस पर रणनीति : सबसे मजबूत बैलेंस शीट, स्टेबल डिविडेंड। लॉन्ग टर्म में रिकवरी की सबसे ज्यादा उम्मीद।
क्या करें निवेशक?
अगर पोर्टफोलियो में आईटी शेयर्स हैं तो पैनिक सेलिंग से बचें।
नए निवेश के लिए स्टेप-बाय-स्टेप एंट्री लें, खासकर इंफोसिस और टीसीएस जैसे ब्लू-चिप में।
एआई एडॉप्शन और क्लाइंट डील्स पर नजर रखें।
डाइवर्सिफिकेशन बनाए रखें, क्योंकि सेक्टर में वोलेटिलिटी जारी रह सकती है।
सेक्टर में चुनौतियां हैं, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स और एआई ट्रांसफॉर्मेशन से रिकवरी की संभावना बनी हुई है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।