“मार्केट खुलते ही चांदी के दाम में अचानक 6000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर चांदी के फ्यूचर्स में 1-2% की गिरावट के साथ भाव 2.57 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि रिटेल में कई शहरों में 290-300 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई से सुधार के बाद यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन सकती है, लेकिन वैश्विक डॉलर की मजबूती और फेड नीति की अनिश्चितता से दबाव बना हुआ है।”
चांदी के दाम में भारी गिरावट: मार्केट खुलते ही 6000 रुपये तक लुढ़का भाव
आज 10 फरवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में तेज गिरावट देखने को मिली है। मार्केट खुलते ही MCX पर चांदी के मार्च फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 4600-5000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई, जो पिछले सत्र की तेजी के बाद मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों से ट्रिगर हुई। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर घरेलू बाजार पर सीधा पड़ा।
हाल के हफ्तों में चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, जहां MCX पर भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद 30-45% तक की भारी गिरावट आई। आज की यह गिरावट पिछले कुछ दिनों की रिकवरी रैली को फिर से दबाव में ला रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेड की सख्त नीति की आशंका और मार्जिन बढ़ोतरी से ट्रेडर्स ने पोजीशन कम की, जिससे भाव नीचे आए।
आज के प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति 10 ग्राम और प्रति किलोग्राम)
| शहर | प्रति 10 ग्राम (रुपये) | प्रति किलोग्राम (रुपये) | बदलाव (पिछले दिन से) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 3,000 | 3,00,000 | -500 से -1000 |
| मुंबई | 3,000 | 3,00,000 | स्थिर से मामूली गिरावट |
| चेन्नई | 3,000 | 3,00,000 | – |
| कोलकाता | 3,000 | 3,00,000 | – |
| बेंगलुरु | 2,900-3,000 | 2,90,000-3,00,000 | -6000 तक गिरावट |
| हैदराबाद | 3,001 | 3,00,100 | स्थिर |
| पटना/लखनऊ | 2,900-3,000 | 2,90,000-3,00,000 | गिरावट |
नोट: ये रेट्स रिटेल स्तर पर हैं और लोकल टैक्स, मेकिंग चार्जेस के आधार पर थोड़े बदल सकते हैं। MCX पर चांदी का भाव आज 2,57,000-2,62,000 रुपये प्रति किलो के बीच ट्रेड कर रहा है, जो कल के उच्च स्तर से 6000 रुपये तक कम है।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? प्रमुख कारण
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई, जिससे precious metals पर दबाव बढ़ा।
फेड की आगामी नीति और महंगाई डेटा से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
पिछले हफ्ते की तेज रैली के बाद मुनाफावसूली तेज हुई, खासकर ETF और फ्यूचर्स में।
CME ग्रुप द्वारा मार्जिन रिक्वायरमेंट बढ़ाने से leveraged ट्रेडर्स ने पोजीशन अनवाइंड की।
इंडस्ट्रियल डिमांड में थोड़ी सुस्ती के संकेत, हालांकि सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में लंबे समय में मांग मजबूत बनी हुई है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, क्योंकि लंबे समय में इंडस्ट्रियल यूज बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन शॉर्ट टर्म में volatility ज्यादा है, इसलिए स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड करें। रिटेल खरीदारों के लिए गहने या सिक्के खरीदने से पहले लोकल सर्राफा बाजार में ताजा रेट कन्फर्म करें।
Disclaimer: यह खबर बाजार के रीयल-टाइम ट्रेंड्स और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें। कीमतें बदल सकती हैं।